1. सबसे पहले windows+R (RUN) को खोले और %temp% लिखकर Enter करें। 2. सभी files को select करके Shift के साथ delete दबाएं और close कर दें। 3. उसके बाद windows+R (RUN) को खोले और temp लिखकर Enter करें। 4. सभी files को select करके Shift के साथ delete दबाएं और close कर दें। 5. उसके बाद windows+R (RUN) को खोले और cleanmgr लिखकर Enter करें। 6. जिस जिस को delete करना है उसे चेक करके Ok - delete करें।
Accounting में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी होती है Debtors और Creditors को समझना। इन दोनों Words में लोग हमेशा confuse रहते हैं। तो आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं। Debtors - इसे हिंदी में 'देनदार' बोलते हैं अर्थात देने वाला। Creditors - इसे हिंदी में 'लेनदार' बोलते हैं अर्थात लेने वाला। उदाहरण - अगर किसी व्यक्ति से उधार सामान खरीदते हैं, तो उसे पैसे देने होते हैं। अर्थात वह व्यक्ति पैसा लेने वाला है मतलब लेनदार । तो उस व्यक्ति को Creditors में रखेंगे। और आप देने वाले हैं मतलब देनदार । तो आप Debtors हो गए। दूसरे शब्दों में, जिसे पैसे देने हों वह 'Creditors ' होगा। जिससे पैसे लेने हों वह 'Debtors ' होगा। नोट - Tally के Groups में इसे 'Sundry Creditors' और ' Sundry Debtors' के नाम से जाना जाता है।
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